दोस्तों,
एक व्यक्ति हैं जो 2020 के जनवरी महीने से वीडियोस के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाना चाहते थे कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन, मास्क, सेनीटाइजर व्यर्थ है तथा दवाओं का जो प्रोटोकॉल हॉस्पिटल्स में प्रयोग में लाया जा रहा है वह शरीर के अन्य अंगों को खराब करने वाला है और वही मृत्यु दर बढ़ने का कारण भी है।
उन्होंने यह भी बताया कि कोविड-19 बीमारी का इलाज साधारण फ्लू के जैसे किया जा सकता है और वह भी बिना दवा के। और यह उन्होंने ILI (influenza like illness) के 50000 रोगियों को ठीक करके भी दिखाया। जिसमें बड़ी संख्या में कोरोना के लक्षण वाले और कोरोना पॉजिटिव रोगी थे।
डॉ विश्वरूप में यह जानकारी दी कि कोरोना वायरस RNAवायरस है जो कि बहुत जल्दी अपना रूप बदलता है और इसीलिए इसकी स्पेसिफिक दवा या प्रभावी वैक्सीन नहीं आ सकती।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन जी और दिल्ली के चीफ मिनिस्टर केजरीवाल जी से मिलकर अपनी बात स्पष्ट करनी चाही। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की पर किसी ने किसी भी मीडिया चैनल ने उनकी चर्चा नहीं की। उनके यूट्यूब चैनल और फेसबुक अकाउंट ब्लॉक कर दिए गए। इस सज्जन व्यक्ति का नाम है डॉ विश्वरूप राय चौधरी।
डॉ विश्वरूप ने यह भी बताया कि यह एक फेक पेन्डमिक (fake pandemic) है। उन्होंने जो कुछ भी बताया वह सब फुल एविडेंसेस पूरे सबूतों के साथ बताया। C D C (center for disease control)और F D A (Food and Drug Association) आदि की रिपोर्ट्स और मेडिकल जर्नल की रिपोर्ट के आधार पर बताया।
आज मुझे खुशी इस बात की है कि आखिरकार डॉ विश्वरूप मीडिया में आए। 13 दिसंबर 2020 टाइम्स ऑफ इंडिया में आर्टिकल छपा है कि विश्वरूप भारत में कोविड-19 के वैक्सीन के बारे में लोगों में भ्रम पैदा कर रहे हैं और उनके फॉलोअर्स एंटी वेक्सरस (anti vaxxers) बन गए हैं।
दोस्तों, मजे की बात यह है कि इस पूरी खबर में एक सच्चाई को छुपा लिया गया है,कॉउ स्लॉटर ( pregnant cow slaughter ) की बात को उड़ा दिया गया है ।आप अगर फोटो को ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि इंजेक्शन की फोटो में उन शब्दों को धुंधला blur कर दिया गया है।

दोस्तों, उनकी सब बातों को काटा गया है पर एफ बी एस का जिक्र तक नहीं किया गया है। एफ बी एस (f b s) मतलब फेटल बोवाइन सिरम। (fetal bovine serum)। यह सिरम गर्भवती गाय के पेट को चीर कर जिंदा बछड़े को निकाल कर उसके हृदय में सुई डालकर निकाला जाता है। इस सीरम का इस्तेमाल इस वैक्सीन को बनाने में किया जा रहा है ।
दोस्तों सोचिये आपके लिए जो वैक्सीन बन रही है उसके लिए लाखों गर्भवती गायों को मारा जा रहा है और मारा जाएगा –तो क्या आप ऐसा वैक्सीन लेना चाहेंगे?
दोस्तों,मेरी बात ध्यान से पढिएगा। हमारे आसपास पशु पक्षी और चलता फिरता जनमानस है __वह किसी भी तरह मानव निर्मित नहीं है। वह तो सिर्फ और सिर्फ प्रकृति की देन है। हमारा शरीर प्रकृति के पांचों तत्वों से बना है और अस्वस्थ होने पर हम उन्हीं पांचों तत्व –मिट्टी, पानी, धूप, हवा और आकाश की मदद लेकर हम स्वस्थ हो सकते हैं। जरूरत सिर्फ इस बात की है कि हमें ज्ञान हो कि किस तरह इन प्राकृतिक तत्वों का उपयोग हम बीमारी की अवस्था में करें।
दोस्तों, जिस बीमारी कि सर्वाइवल रेट(survival rate) सीडीसी CDC की रिपोर्ट के अनुसार 99.97% है अर्थात मृत्यु दर १% से भी कम है ,उसके लिए हमें ऐसी वैक्सीन क्यों चाहिए जिसमें निरीह जानवरों की हत्या हो।
दूसरी बात यह भी है कि इस वैक्सीन के ट्रायल्स इतने कम समय में हुए हैं कि इसके दुष्परिणामों का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है और कुछ कुछ दुष्परिणाम तो सामने आने भी लगे हैं और इस वैक्सीन को लेने के बाद भी कितने दिन तक मनुष्य इस बीमारी से इम्यून रह पाएगा इसका सठीक जवाब अभी तक वैज्ञानिकों के पास नहीं है।
दोस्तों, हम भारतीयों के पास तो इतनी अच्छी प्राकृतिक संपदा है जिसकी सहायता से और योग तथा प्राणायाम आदि की सहायता से और आयुर्वेद की सहायता से हम अपनी जीवनी शक्ति (immunity) को मजबूत रख सकते हैं और किसी भी बीमारी से लड़ सकते हैं।
दोस्तों, हमारा मकसद स्वस्थ जीवन जीना होना चाहिए न कि बीमार रहते हुए लंबी उम्र जीना।
अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर सर्च करें।
www.biswaroop.com/FBS
www.biswaroop.com/covid1981
www.biswaroop.com/30nov
www.coronakaal.tv http://www.biswaroop.com/nicebook
वैक्सीनेशन का आविष्कार जब से हुआ है तब से आज तक एक बीमारी अगर खत्म भी हुई है तो रूप और नाम बदलकर नई नई बीमारियां सामने आई हैं। ।
मैं इस कोरोना वैक्सीन का विरोध करती हूं और बजरंग बेंगानी द्वारा बनाई गई इस पिटीशन (petition) पर साइन करती हूं। आप मेरे विचारों से सहमत हैं तो इस नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करके खोलिए और इस पिटिशन पर आप भी साइन करिए👇
धन्यवाद
सुषमा बेंगानी
Bahut achi jaankari di aapne. Aapka bahut bahut dhanayawad 🙏
LikeLike
Yes I am agree
LikeLike